जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड | Jaliyanvala baag hatyakand in hindi

Jaliyanvala baag hatyakand in hindi जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड :- आज के इस लेख में पंजाब के अमृतसर की एक प्रसिद्ध जगह जलियांवाला बाग (Jallianwala Bagh massacre) की घटित एक घटना का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है। यह घटना एक नरसंहार थी जिसमे सैकड़ो लोगो को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jaliyanvala baag hatyakand in hindi) की घटना के सबूत आज बजी वँहा की दीवारों पर साफ साफ दिखाई देते है, इस घटना के बारे में पढ़कर आज भी दिल दहल जाता है, आइये इस घटना के बारे में विस्तार पूर्वक पढ़ते है।

जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड (Jallianwala Bagh massacre)

  • पंजाब में रौलट एक्ट का विरोध करने वाले दो स्थानीय कांग्रेसी नेताओं डॉ. सत्यपाल और डॉ. सैफुद्दीन किचलु को 9 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया जिसके विरोध में 10 अप्रैल को रैली निकाली गई, जिस पर गोली बारी में कुछ आन्दोलनकारी मारे गये।
  • 13 अप्रैल, 1919 को बैशाखी के दिन इस गिरफ्तारी व गोलीबारी के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में एक सार्वजनिक सभा बुलाई गई।
  • इस समय पंजाब के लेफ्टिनेन्ट गवर्नर माइकल ओ डायर थे। जिनके निर्देश पर अमृतसर के एक सेना अधिकारी जनरल डायर ने बिना चेतावनी दिये निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलवा दी, जिसमें 1000 से ज्यादा निर्दोष लोग मारे गये। गोली चलाने के समय लाला हंसराज भाषण दे रहे थे। सरकारी रिपोर्ट (हण्टर कमेटी) के अनुसार 379 लोग मारे गये।
  • हण्टर कमेटी ने 379 मौतों का आंकड़ा इलाहाबाद की सेवा समिति द्वारा तैयार सूची से लिया।
  • हत्याकांड के विरोध में रवीन्द्र नाथ टैगोर ने नाइटहुड एवं सर की उपाधि त्याग दी और वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य शंकर नायर ने इस्तीफा दे दिया।
  • सरकार ने जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड (Jaliyanvala baag hatyakand in hindi) की जाँच के लिए लार्ड हण्टर की अध्यक्षता में आठ सदस्यों वाली हन्टर कमेटी नियुक्त की। इसके अन्य सदस्य थे। जस्टिस रैस्किन, राईस, जार्ज बरौ, टॉमस स्मिथ, सर चिमनलाल सीतलवाड़, साहबजादा सुल्तान अहमद तथा जगत नारायण (इन आठ सदस्यों में पाँच अंग्रेज एवं तीन भारतीय थे।)
  • हन्टर कमेटी ने जनरल डायर को दोषमुक्त कर दिया। सरकार ने तो हन्टर कमेटी की रिपोर्ट आने से पूर्व ही दोषी लोगों को बचाने के लिए ‘इन्डेमिनिटी बिल’ पास कर दिया।

जलियांवाला बाग हत्याकांड PDF

  • सजा के रूप में जनरल डायर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया, लेकिन ब्रिटिश हाउस ऑफ कामन्स में डायर की प्रशंसा की गई और उसे ‘ ब्रिटिश साम्राज्य का शेर‘ कहा गया। डायर को Sword of Honour (मान की तलवार) और 20000 पौंड की धन राशि भी दी गई। मोर्निंग पोस्ट नामक अखबार ने तीस हजार पौंड की धन राशि एकत्रित की।
  • कांग्रेस ने जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jaliyanvala baag hatyakand in hindi) की जाँच के लिए मदन मोहन मालवीय की अध्यक्षता में एक समिति नियुक्त की। समिति के अन्य सदस्य थे- मोतीलाल नेहरू, महात्मा गाँधी, सी. आर. दास, तैयब जी और जयकर। इस जांच समिति में प्रारूप लिखने का कार्य गांधीजी को सौंपा गया।
  • गांधीजी ने कहा कि प्लासी ने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी लेकिन अमृतसर ने उसे हिला दिया।
  • दीनबन्धु सी.एफ. एन्ड्रूज ने इस हत्याकाण्ड को जान-बूझकर की गई क्रूर हत्या और माटेग्यू ने निवारक हत्या की संज्ञा दी।
  • गिलबर्ट स्लेटर के अनुसार अपने कार्यों से ‘ डायर ने पंजाब बचा लिया और भारत खो दिया।’
  • जलियांवाला हत्याकांड के बाद लगे मार्शल लॉ के दौरान गुजरांवाला और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों पर हवाई जहाज से हमले किए गये।
  • इसी समय पंजाब में चमनदीप के नेतृत्व में ‘ डंडा फौज’ का गठन हुआ।
  • माइकल ओ डायर की हत्या लन्दन में एक भारतीय उधमसिंह ने 13 मार्च, 1940 को की एवं अपना नाम मोहम्मद आजाद सिंह रखा।
  • जनरल डायर 1927 ई. में लकवे से मर गया था।

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