Ravindra singh bhati biography in hindi | रवींद्र सिंह भाटी का जीवन परिचय

रवींद्र सिंह भाटी का जीवन परिचय Ravindra singh bhati biography in hindi : महज 26 साल की उम्र में शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए रविन्द्रसिंह भाटी (Ravindra singh bhati biography in hindi) इन दिनों खासी चर्चा में हैं। रविंद्र ने देसी लड़का बनकर मतदाताओं का दिल जीता और कांग्रेस प्रत्याशी 84 वर्षीय अमीन खां को हराया। रविन्द्र जोधपुर यूनिवर्सिटी का वही छात्रसंघ नेता है, जिसे वर्ष 2019 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने टिकट नहीं दिया, तो वे बागी हो गए थे। इसके बाद यहां इतिहास यह बना था कि 57 साल में इस विश्वविद्यालय में पहली बार कोई निर्दलीय (बागी) अध्यक्ष बने थे। इसके बाद रविंद्र छात्र राजनीति में छा गए। अपने पूरे कार्यकाल में रविंद्र ने मुख्यमंत्री को घेरा और संघर्ष की नई इबारत लिखी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

रवींद्र सिंह भाटी का जीवन परिचय

नाम रवीद्र सिंह भाटी
जन्म 3 दिसम्बर 1990
पिता शैतान सिंह भाटी
माता अशोक कंवर
पत्नी धनिष्ठा कंवर
लम्बाई 5.9 feet
शिक्षा BA – LLB
पेशा विधायक (शिव विधानसभा)
मोबाइल नं. 07742158035
करंट सिटी जोधपुर, राजस्थान
जन्म स्थान दुधौड़ा, हरसानी, पंचायत समिति गडरारोड, जिला बाड़मेर
कॉलेज जय नारायण विश्वविद्यालय, जोधपुर, राजस्थान
प्राथमिक शिक्षा मयूर नोबल अकेडमी सेनियर सेकेन्डरी स्कूल बाड़मेर
धर्महिन्दू
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रविंद्र सिंह भाटी का जन्म

रावसा का जन्म 3 दिसम्बर 1990 ई में राजस्थान के गांव दूधोडा, बाड़मेर में हुआ इनके पिता का नाम शैतान सिंह भाटी ओर माता का नाम अशोक कंवर है।

रविंद्र भाटी का विवाह

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रावसा का विवाह धनिष्ठा कंवर से हुआ है।

शिक्षा

भाटी की प्राथमिक शिक्षा आदर्श विद्या मंदिर हरसानी एंव मयूर नोबल्स एकेडमी, बफमेर में ही हुई है मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री की ओर अब जोधपुर विश्वविद्यालय जयनारायण व्यास से LLB कर रहे है।

राजनीतिक दल ताकत को नहीं समझे

रविंद्रसिंह भाटी (Ravindra singh bhati biography in hindi) के विधायक बनने की कहानी भी दिलचस्प है। राजनीतिक दल उसकी ताकत को नहीं समझे, तो वह बागी हो गए। यूथ को आगे लाने के दावे करने वालों ने उन्हें पीछे धकेला, तो वह सीना ठोक कर आगे आ गए। कई बार ठोकर खाने के बाद वह मैदान में आ गए। वह यह कहते रहे कि मोटियार हां, लांठा हां,लड़सा अर जीतसा …। यूथ दिवस के दिन 12 जनवरी 2022 को रविन्द्र ने तय किया कि अब शिव जाना है, जहां उनका गांव दूधोड़ा है। वहीं से राजनीति की शुरुआत करनी है। रविंद्र ने इस दिन एक बड़ी रैली निकाल कर इसका संकेत भी दें दिया था।

भाजपा से मांगा था टिकट, नहीं मिला तो निर्दलीय मैदान में उतरे

विधानसभा चुनाव से पहले संवाद यात्रा में रविन्द्र उन गांव-ढाणियों में पहुंचा जहां, कोई विधायक कम ही गया था। उसने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी की, लेकिन बात नहीं बनी।

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इसके बाद रविंद्रसिंह भाटी जयपुर से शिव पहुंचे और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अमीन खां को हराया। अमीन खां यहां से लगातार दो बार से विधायक चुने गए थे।

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